मॉब लिंचिंग के शिकार रूपेश पांडेय को न्याय दिलाने के लिए हजारीबाग विधायक आए आगे, स्थानीय लोगों के साथ वार्ता कर बनाया कोष

हजारीबाग के बरही में रविवार 6 फरवरी को सरस्वती पूजा समापन के पश्चात मूर्ति विसर्जन के जुलूस को देखने निकले युवक रूपेश कुमार पांडेय को भीड़ ने पीट पीटकर मार डाला। बताया जाता है कि इसके बाद हुए बवाल के बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी। विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने तत्काल चार जिलों (चतरा, हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह) में 48 घंटे के लिए इंटरनेट तक बंद कर दिया गया। हालांकि यह मॉब लिंचिंग की खबर कहीं भी वृहद स्तर पर प्रसारित नही हुई, लेकिन जब मामला पूरी तरह से प्रकाश में आया तो युवक रूपेश के न्याय की बात उठी।सभी के मन में यही बात उठ रही थी कि आखिर किन परिस्थितियों में रूपेश को पीट पीट कर मारा गया? और उनको कौन थे मारने वाले? प्रशासन ने मारने वाले को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए? यह तो सचमुच चिंतनीय है। इंटरनेट बंद कर चुप्पी साधने से न्याय मिलेगा? वैसे इंटरनेट बंद किए जाने के बाद ही मामले की गहराई को समझी जा सकती थी, लेकिन उसमे भी देर हुई। भाजपा और आम जनता ने अब इस मामला को उठाया है और आम जनता भी रूपेश को न्याय के लिए उठ खड़ी हुई है।

हजारीबाग सदर के भाजपा विधायक मनीष जायसवाल के संज्ञान में यह मामला आते ही वो अपने समर्थकों और आम जनता के साथ मृतक के परिजनों से मिले और उसके दाह-संस्कार कार्यक्रम में उपस्थित होकर रूपेश को श्रद्धांजलि दी। विधायक ने पीड़ित परिजनों से मिल बाते की और मांग की है कि…
दोषियों पर
• मॉब लिंचिंग कानून के तहत कार्रवाई हो।
• फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से स्पीडी ट्रायल द्वारा दोषी लोगों को जल्द से जल्द सजा मिले।
• परिवार को ₹50 लाख मुआवजा दी जाए।

विधायक मनीष जायसवाल ने स्थानीय लोगो से मशविरा कर
रूपेश को न्याय दिलाने के लिए एक कोष का गठन किया है तथा यह निर्णय लिया गया कि गरीबी कारण अगर परिवार न्याय की लड़ाई लड़ने में असमर्थ हो जाता है तो न्याय दिलाने के लिए हिन्दू समाज द्वारा इस कोष के माध्यम से रूपेश की लड़ाई लड़ी जाएगी। विधायक ने इस कोष में 51,000 देने की घोषणा की।

वैसे यह मॉब लिंचिंग का मामला तूल तो अब पकड़ चुका है और स्थानीय न्याय मिलने की आशा भी लगाए हुए है। राज्य के भाजपा नेता राज्य सरकार पर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने हेतु दबाव बनाने के लिए मुखर हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

आप पसंद करेंगे