कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और जमशेदपुर के पूर्व सांसद डॉ अजय कुमार ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर झारखंड के जनजातीय सलाहकार परिषद में धाड़ दिशोम, माझी परगना महल से कम से कम एक सदस्य को शामिल करने का अनुरोध किया है।
पत्र में डॉ अजय ने लिखा है कि भारतीय संविधान की पांचवी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले सभी राज्यों में जनजातीय सलाहकार परिषद का गठन किया गया, हालांकि पांचवी अनुसूची के पार्ट ब , 4(1) में उल्लेखित जनजातीय सलाहकार परिषद में कूल 20 सदस्यों में तीन चौथाई सदस्य विधानमंडल के सदस्यों द्वारा भरी जाने की बात की गई एवं शेष 5 सदस्य जनजातीय मामलों में विशेष रुचि व ज्ञान रखने वाले लोगों में भरी जाएगी। किन्तु हाल ही में झारखण्ड सरकार ने पांचवी अनुसूचि के पार्ट ब, 4(3) का उपयोग करते हुए, परिषद में विधानमंडल के सदस्यों की संख्या को बढ़ा दिया और गैर राजनीतिक लोगों की प्रतिनिधित्व को सीमित कर दिया जिससे कालांतर में जनजातीय समाज में प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। राज्य में कुल जनजातीय आबादी में संथाल समुदाय की जनसँख्या दूसरी बड़ी आबादी उरांव समुदाय से भी लगभग दोगुनी है।
इसी के मद्देनजर रखते हुए, डॉ अजय ने कहा है कि जनजातीय सलाहकार परिषद में धाड़ दिशोम, माझी परगना महल से कम से कम एक सदस्य को शामिल किया जाना चाहिए।
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